Shree Vaishnav Agarsain Gaushala (Hisar)
Registration No. 54 of 1964-65 (1860 Section 21)
Donation exempted under 80G of Income Tax Act, 1961
HDFC Bank A/c 1551450000066
ICICI Bank A/c 017201005865
PNB(CBS) Bank A/c 0203009300070970

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श्री वैष्णव अग्रसैन गौशाला, अग्रोहा (हिसार) हरियाणा प्रान्त की प्राचीनतम गौशाला है यह गौशाला महाराजा अग्रसैन की प्राचीन राजधानी अग्रोहा धाम में (अग्रोहा-हिसार) में स्थित है । जो हिसार सिरसा रोड पर हिसार से मात्र 20 कि.मी. दूरी पर है जिसकी स्थापना लगभग 100 वर्ष पहले हुई थी । गौशाला का रजिस्ट्रेशन 11.01.1965 में सोसाइटी एक्ट 1860 में हुआ था जिसका रजिस्ट्रेशन नंबर 54 है । गौशाला सोसाइटी एक्ट 2012 में भी रजिस्ट्रेड है जिसका नंबर 672 है । गौशाला का भारतीय जीव जंतु कल्याण बोर्ड का रजिस्ट्रेशन नंबर HR057/1999 है । गौशाला हरियाणा गौसेवा आयोग पंचकूला से भी पंजीकृत है जिसका पंजीकरण नंबर HGSA/2014/135 है ।
गौशाला में गौमाता की सेवा अनेक गौभक्त करते आए हैं । श्री देबीसहाय जिन्दल, श्री शिवराम जिन्दल, श्री ओमप्रकाश जिन्दल, एवं श्री धर्मदेव बिन्दल के सहयोग के उपरान्त श्रीमती सावित्री देवी जिंदल, श्री महावीर प्रसाद जिंदल तथा श्री नन्द किशोर गोयन्का के मार्गदर्शन में इस समय श्री राजेन्द्र केडिया, श्री सोहन लाल सिंगला, श्री कृष्ण कुमार गोरखपुरिया, श्री सतीश गोयल व अन्य सहयोगियों की देखरेख में गौशाला का कार्य चल रहा है । इस अवधि में गौशाला में 525 गायों से बढ़कर 2315 गायें हो गई है जिनके लिए 25 आश्रमगृह (शैड) निर्मित है । भविष्य में गौशाला का 5000 गायों की सेवा करने का लक्ष्य है ।
गौशाला के अंदर प्रवेश करते ही सामने गौशाला का कार्यालय है यहाँ से गौशाला का कार्य प्रबंधन किया जाता है ।
गौशाला के कार्यालय में कार्य करते हुए गौशाला का कर्मचारी ।
कार्यालय के साथ ही डिस्पेंसरी बनी हुई है यहाँ से बीमार गायों के उपचार के लिए कार्य प्रबंधन किया जाता है । गौशाला में गायों की सेवा के लिए 2 डॉक्टर हैं जो सेवा भाव से कार्य में लगे रहते हैं ।
ऑफिस के बाद एक हाल सभा कक्ष बना हुआ है । यहाँ पर गौशाला के सदस्यों की बैठको का आयोजन किया जाता है जिसमे गौशाला के विकास कार्यों की योजनाएं बनाई जाती है ।
गौपाष्टमी पर्व के मौके पर गौशाला प्रांगण में गौशाला के सरपरस्त श्री कृष्ण कुमार अग्रवाल, प्रधान श्री राजेंदर केडिया तथा श्री जगदीश जिंदल एक दूसरे को गौपाष्टमी पर्व की शुभकामनाएं देते हुए ।

परिक्रमा मार्ग

सभा कक्ष के साथ आगे चलकर परिक्रमा मार्ग शुरू हो जाता है । गौशाला में २१०० गायों की बहुत ही कल्याणकारी व मंगलकारी परिक्रमा है । कोई भी गौभक्त इस परिक्रमा को करके मनोवांछित फल प्राप्त करता है । यह परिक्रमा पैदल चलकर मात्र दस मिनट में पूरी हो जाती है ।
परिक्रमा मार्ग के साथ शुरू में लगभग 3 कनाल एरिया में पार्क बना हुआ है ।
गौशाला में देसी गायों के मूत्र से गौअर्क बनाया जाता है जो पेट की बीमारियों तथा अन्य कई बीमारियों में बहुत ही लाभदायक है ।
पार्क के बिलकुल सामने पशु हस्पताल की इमारत बनी हुई है ।
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गाय का इलाज़ करते हुए गौशाला के डॉक्टर और मेडिकल टीम ।
परिक्रमा मार्ग पर आगे गौमाता के लिए 60 फ़ीट गुणा 180 फ़ीट का शेड बना हुआ है ।
पूर्व मंत्री श्रीमती सावित्री देवी जी जिंदल अन्य गौभक्तो के साथ गौपूजन करते हुए ।
आगे चलकर 3 नंबर बाड़ा आता है ।
बाड़ा नंबर 3 में पेड़ों के नीचे आराम करती हुई गौमाता ।
बाड़ा नंबर 3 में लगी हुई दूध निकालने तथा दूध का भंडार करने की मशीन ।
बिजली की आपूर्ति के लिए गौशाला में एक बड़ा जनरेटर लगाया हुआ है ।

गौशाला एम्बूलैंस

गौशाला के पास एक एम्बूलैंस है जिसका उपयोग घायल, बीमार एक्सीडेंटल गायों को लाकर उनका ईलाज करने के लिए किया जाता है ।
परिक्रमा मार्ग पर थोड़ा सा आगे चलते ही आटा चक्की लगाई हुई है यहाँ पर गौमाता को खिलाने के लिए अनाज की पिसाई की जाती है ।
कमिश्नर इनकम टैक्स हिसार श्री निरंजन कोहली जी अपने परिवार के साथ गौपूजन करते हुए ।
कमिश्नर इनकम टैक्स हिसार श्री निरंजन कोहली जी को उनके परिवार के साथ 2100 गायों की कल्याणकारी परिक्रमा करवाते गौशाला के महामंत्री श्री सतीश गोयल जी ।
हरा चारा कटाई करने की मशीन ।
खुले बाड़े के अंदर घूमती हुई गौमाता ।
गौमाता के लिए सवामणी के दलिये को दलिया रेहडी में भरकर बाड़े में पहुँचाया जाता है ।
आटा चक्की के साथ ही तुड़ी का गोदाम बना हुआ है । गौशाला में तुड़ी के 2 गोदाम और भी है जिनमे तुड़ी के सीजन में गौमाता के लिए पूरे साल के लिए 20 हजार क्वांटल तुड़ी का भण्डारण किया जाता है और बाकि तुड़ी साथ के साथ खरीदी जाती है ।
तुड़ी गोदाम से आगे चलकर गौशाला के कर्मचारियों के लिए क्वाटर बने हुए है जिनमे कर्मचारी अपने परिवार के साथ रहते है ।
कर्मचारियों के क्वार्टरों के आगे स्वामणी स्थल है । यहाँ प्रतिदिन गुड़ तथा दलिये से निर्मित सवामणि का आयोजन किया जाता है । स्वयं के व बच्चों के जन्मदिवस पर, विवाह की वर्षगांठ पर, पूर्वजों की पुण्य-तिथि पर व अन्य मांगलिक व शुभकार्यों पर कोई भी गौभक्त मात्र 1100 रूपए भेजकर गौमाता का मुंह मीठा करवाने का पुण्य प्राप्त कर सकता है तथा 7 स्वामणि के भण्डारें का आयोजन प्रत्येक एकादशी, चतुर्थी, अमावस्या, पूर्णिमा व किसी भी शुभ दिन पर करके गौमाता की सेवा करने का पुण्य प्राप्त कर सकते हैं। 7 स्वामणि का खर्च 7700/- रूपये है ।
2100 गायों की कल्याणकारी परिक्रमा करते हुए श्रीमती सावित्री देवी जी जिंदल, श्री सोहन लाल सिंगला, श्री जगदीश जिंदल, श्रीमती मंजरी अग्रवाल व अन्य गौभक्त
स्वामणी स्थल के सामने बने खुले बाड़े में पेड़ों के नीचे आराम करते हुए गौमाता ।
गोबर गैस प्लांट से थोड़ा आगे चलते ही 2 केचुँआ प्लांट बने हुए है ।
केचुआ प्लांट के साथ कृषि भूमि है यहाँ पर गौमाता के लिए हरा चारा उगाया जाता है ।
2100 गायों की कल्याणकारी परिक्रमा करते हुए श्रीमती सावित्री देवी जी जिंदल, प्रधान श्री राजेंदर केडिया, श्री सोहन लाल सिंगला, श्री कृष्ण कुमार अग्रवाल, श्री ब्रह्मानन्द गोयल, श्री कश्मीरी लाल सिंगला, श्री महेन्दर लाहोरिया, श्री पी. सी मित्तल व अन्य गौभक्त
परिक्रमा मार्ग
आगे चलकर पानी की सप्लाई के लिए पानी की टंकी बनी हुई है जिसकी क्षमता ६५००० लीटर पानी की है ।
पानी की टंकी के बिलकुल सामने पानी की ताल बनी हुई है यहाँ से गौशाला की कृषि भूमि तक पानी की सप्लाई की जाती है ।
ताल के साथ ही बाग़ है यहाँ पर छायादार पेड़ लगे हुए है ।
आगे परिक्रमा मार्ग पर एक साइड में गौमाता के लिए शेड बने हुए है और एक साइड साइड में कृषि भूमि है यहाँ हरा चारा उगाया जाता है ।
परिक्रमा मार्ग पर आगे चलकर गौमाता के लिए शेड बना हुआ हुआ है ।
तुड़ी गोदाम से आगे परिक्रमा मार्ग पर एक गोल बाड़ा बना हुआ है यहाँ पर शेड के नीचे अंधी गायों को पनाह दी हुई है ।
शेड के बिलकुल सामने तुड़ी का भंडार करने के लिए गोदाम बना हुआ हुआ है ।
श्री सज्जन जिंदल जी को 2100 गायों की कल्याणकारी परिक्रमा करवाते तथा गौशाला के विषय में जानकारी देते हुए गौशाला के सरपरस्त श्री कृष्ण कुमार जी गोरखपुरिया, वाइस चेयरमैन बोर्ड ऑफ ट्रस्ट श्री सोहन लाल सिंगला, श्री जगदीश जिंदल, श्री प्रदीप बंसल तथा अन्य गौभक्त ।
घूमते हुए कार्यालय के पास आकर 2100 गायों की कल्याणकारी परिक्रमा पूर्ण होती है

आपसे विनम्र प्रार्थना है कि आप जब भी सहपरिवार अग्रोहाधाम की यात्रा करे तो गौशाला में गौमाता
के दर्शन अवश्य करें। तथा इस कल्याणकारी परिक्रमा को करके गौमाता से अपनी मनमांगी मुरादें
पूरी करवाएं । गौमाता की कृपा आप पर व आपके पूरे परिवार पर निरन्तर बरसती रहे ।
विनीत
श्रीमति सावित्री देवी जिन्दल (संरक्षक)
नन्दकिशोर गोयन्का  (संरक्षक)

श्री कृष्ण कुमार जी गोरखपुरिया (संरक्षक)
राजेन्द्र केडिया (प्रधान)
सोहन लाल सिंगला (वाइस चेयरमैन बोर्ड ऑफ ट्रस्ट)
सतीश गोयल (महामंत्री)